मंगल शांति पूजा उज्जैन
Complete ritual to with best pandit
2 से 4 घंटे (पूजा के प्रकार पर निर्भर)
मंगल शांति पूजा
मंगल दोष या कुंडली में मंगल ग्रह की अशुभ स्थिति के कारण व्यक्ति के जीवन में कई तरह की समस्याएँ आती हैं। विशेष रूप से विवाह में विलंब, दांपत्य जीवन में तनाव, क्रोध की अधिकता, दुर्घटना, भूमि-वाहन संबंधी विवाद और आर्थिक अस्थिरता जैसी कठिनाइयाँ इसका परिणाम होती हैं। मंगल शांति पूजा उज्जैन इन अशुभ प्रभावों को शांत करने और मंगल ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा को जीवन में आकर्षित करने के लिए की जाती है।
शास्त्रीय संदर्भ:
बृहत्पाराशर होरा शास्त्र और लग्नादि ग्रंथों में मंगल दोष (कुंवारी दोष, भौम दोष, मांगलिक दोष) का उल्लेख मिलता है।
शास्त्रों के अनुसार, मंगल दोष को शांत करने के लिए मंगल शांति पूजा श्रेष्ठ मानी गई है।
लाभ और फायदे
विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करता है
पति-पत्नी के रिश्तों में मधुरता लाता है
अनावश्यक क्रोध और तनाव को कम करता है
वाहन व संपत्ति से जुड़ी दुर्घटनाओं से सुरक्षा
जीवन में स्थिरता और सुख-समृद्धि प्रदान करता है
दांपत्य जीवन में संतुलन और प्रेम बढ़ाता है
पूजा विधि
प्रातः काल स्नान व शुद्धिकरण
गणेश पूजन एवं मंगल ग्रह का आवाहन
मंगल ग्रह के लिए बीज मंत्र का 11000 जप
मंत्र: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
मंगल ग्रह से संबंधित वस्तुएँ (लाल वस्त्र, मसूर की दाल, तांबा, गुड़, लाल फूल) अर्पित करना
मंगल ग्रह का होम और आहुतियाँ
अंतिम आरती और आशीर्वाद
अपेक्षित परिणाम
वैवाहिक जीवन में स्थिरता और मधुरता
आत्मविश्वास और धैर्य में वृद्धि
करियर और व्यवसाय में सफलता
अचानक होने वाली दुर्घटनाओं से सुरक्षा
क्रोध और मानसिक अशांति से मुक्ति
त्वरित जानकारी
अवधि
3-5 घंटे
श्रेष्ठ समय
मंगलवार, भरणी नक्षत्र, या विशेष मुहूर्त जो ज्योतिषाचार्य द्वारा सुझाया जाए
श्रेणी
ग्रह शांति पूजा
कौन करवाए
जिनकी कुंडली में मंगल दोष / मांगलिक दोष है
विवाह में बार-बार बाधाएँ आ रही हों
पति-पत्नी के बीच अनबन या तनाव हो
जिन्हें बार-बार दुर्घटनाएँ या कोर्ट-कचहरी के विवाद हों
जो संपत्ति या जमीन-जायदाद के झगड़ों से परेशान हों
पूजा के लिए निर्देश
पूजन के दिन व्रत रखें और सात्विक आहार लें
लाल या पीले वस्त्र पहनें
पूजा के समय सकारात्मक और शांत मन रखें
पूजन उपरांत कम से कम 21 दिनों तक नियमपूर्वक मंगल ग्रह का जप करें