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विष दोष पूजन उज्जैन

Complete ritual to with best pandit

2 से 4 घंटे (पूजा के प्रकार पर निर्भर)

विष दोष क्या है?

विष दोष तब उत्पन्न होता है जब जन्म कुंडली में कुछ ग्रहों की स्थिति अशुभ योग बनाती है, जिससे जीवन में मानसिक अशांति, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ और रिश्तों में विषाक्तता (नकारात्मकता) बढ़ सकती है।
उज्जैन, जो भगवान महाकाल की नगरी है, में किया गया विष दोष पूजन शास्त्रसम्मत विधि से नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

शास्त्रीय संदर्भ:

📖 गरुड़ पुराण और अथर्ववेदिक मंत्रों में उल्लिखित है कि विष दोष निवारण पूजन व्यक्ति की मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन को स्थापित करता है।

लाभ और फायदे

✔ नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक तनाव से मुक्ति
✔ पारिवारिक कलह और रिश्तों की विषाक्तता का निवारण
✔ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में सुधार
✔ जीवन में शांति और सकारात्मक सोच का विकास

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान एवं शुद्धिकरण

  • भगवान महाकाल और नाग देवताओं का आह्वान

  • विषहरण मंत्र का 1100 बार जाप

  • दूध, कुशा, फूल और बेलपत्र अर्पण

  • विशेष शिव अभिषेक एवं हवन

  • आरती और आशीर्वचन

अपेक्षित परिणाम

🔹 मानसिक शांति एवं स्थिरता
🔹 रिश्तों में सामंजस्य और प्रेम
🔹 नकारात्मक विचारों और बाधाओं का निवारण
🔹 आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि

त्वरित जानकारी

अवधि

3 से 4 घंटे

श्रेष्ठ समय

नाग पंचमी, महाशिवरात्रि, या ज्योतिषाचार्य द्वारा सुझाया शुभ मुहूर्त

श्रेणी

  • दोष निवारण पूजन

कौन करवाए

  • जिनकी कुंडली में लगातार अशुभ योग बने हों

  • बार-बार स्वास्थ्य, मानसिक और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे लोग

  • जिन्हें जीवन में विषाक्त रिश्तों और बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हो

पूजा के लिए निर्देश

⚡ पूजन के दिन उपवास रखें
⚡ पीले या सफेद वस्त्र धारण करें
⚡ पूजा के दौरान केवल सकारात्मक विचार रखें
⚡ 21 से 40 दिन तक गुरु मंत्र का जप और शुद्ध आहार का पालन करें

व्यक्तिगत सलाह चाहिए?

आचार्य डॉ. आशीष कुमार शर्मा से संपर्क करें

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