नवग्रह पूजन उज्जैन
Complete ritual to with best pandit
2 से 4 घंटे (पूजा के प्रकार पर निर्भर)
नवग्रह पूजन उज्जैन
नवग्रह पूजन एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है जिसका उद्देश्य जीवन में ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति को शांति प्रदान करना और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करना है। यह पूजन व्यक्ति के कर्मों को संतुलित करता है और जीवन के हर क्षेत्र में स्थिरता व समृद्धि लाता है।
शास्त्रीय संदर्भ:
नवग्रह पूजन का उल्लेख ऋग्वेद, यजुर्वेद और स्कंद पुराण में मिलता है।
यह पूजन ग्रहों की प्रसन्नता और उनके अशुभ प्रभावों के निवारण का सर्वोत्तम उपाय माना गया है।
लाभ और फायदे
ग्रह दोष एवं पाप ग्रहों का शमन
करियर, शिक्षा और व्यापार में सफलता
पारिवारिक जीवन में सुख और शांति
मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति
आर्थिक प्रगति और स्थिरता
आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक सोच
पूजा विधि
स्नान एवं शुद्धिकरण – प्रातःकाल स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
कलश स्थापना – नवग्रहों का आह्वान कर पवित्र कलश की स्थापना।
विशिष्ट मंत्रोच्चार – प्रत्येक ग्रह के लिए अलग-अलग बीज मंत्रों का 108 बार जाप।
अर्घ्य एवं हवन – दूध, जल, पुष्प, अक्षत और घी से हवन।
आरती एवं आशीर्वाद – नवग्रह देवताओं की आरती एवं समापन प्रार्थना।
अपेक्षित परिणाम
जीवन की बाधाओं में धीरे-धीरे कमी
ग्रहों का अनुकूल प्रभाव बढ़ना
निर्णय लेने की क्षमता में सुधार
परिवार में सामंजस्य और शांति
भाग्य वृद्धि एवं सौभाग्य की प्राप्ति
त्वरित जानकारी
अवधि
2 से 3 घंटे
श्रेष्ठ समय
अमावस्या, पूर्णिमा, ग्रहण काल, जन्मदिन या ज्योतिषाचार्य द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त
श्रेणी
ग्रह शांति एवं दोष निवारण
कौन करवाए
जन्मकुंडली में ग्रह दोष वाले व्यक्ति
बार-बार जीवन में असफलता झेलने वाले
स्वास्थ्य व आर्थिक समस्याओं से परेशान लोग
जिनकी कुंडली में शनि, राहु या केतु का प्रबल प्रभाव हो
पूजा के लिए निर्देश
पूजन के दिन उपवास रखना श्रेष्ठ होता है।
शुद्ध और हल्के रंग (सफेद/पीला) वस्त्र पहनें।
पूजन के दौरान सकारात्मक विचार और श्रद्धा बनाए रखें।
पूजन के बाद 11 या 21 दिन तक दान, जप या व्रत का पालन करना शुभ होता है।