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महामृत्युंजय जाप उज्जैन

Complete ritual to with best pandit

2 से 4 घंटे (पूजा के प्रकार पर निर्भर)

महामृत्युंजय जाप

महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य मंत्र है। इसे त्र्यंबक मंत्र भी कहा जाता है। उज्जैन, जो भगवान महाकालेश्वर की नगरी है, वहां यह जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह मंत्र मृत्यु, रोग, और अकाल बाधाओं से रक्षा करता है तथा आयु, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करता है।

शास्त्रीय संदर्भ:

  • यह मंत्र ऋग्वेद और यजुर्वेद में उल्लेखित है।

  • महर्षि मार्कंडेय ने इस मंत्र की महिमा से मृत्यु पर विजय पाई थी।

  • तंत्र और पुराणों में इसे “मृत्यु पर विजय” दिलाने वाला श्रेष्ठ मंत्र बताया गया है।

लाभ और फायदे

  • अकाल मृत्यु और जीवन संकटों से रक्षा

  • गंभीर बीमारियों से शीघ्र स्वास्थ्य लाभ

  • मानसिक शांति और स्थिरता की प्राप्ति

  • परिवार की दीर्घायु और समृद्धि

  • जीवन में साहस और आत्मविश्वास की वृद्धि

  • आध्यात्मिक उन्नति और भगवान शिव की कृपा

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान व शुद्धि – स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें।

  • भगवान शिव का आवाहन – शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करें।

  • मंत्र जाप

    • 108 बार (दैनिक जाप के लिए)

    • 11,000 / 1,25,000 बार (विशेष अनुष्ठान में पंडितों द्वारा सामूहिक जाप)

  • हवन और आहुतियाँ – मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद हवन किया जाता है।

  • आरती और आशीर्वाद – शिव आरती के साथ पूजन संपन्न होता है।

अपेक्षित परिणाम

  • मृत्यु भय से मुक्ति और आयु में वृद्धि

  • रोग और कष्टों का निवारण

  • धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति

  • जीवन में स्थिरता और शुभ फल की प्राप्ति

  • आध्यात्मिक शक्ति और दिव्य आशीर्वाद

त्वरित जानकारी

अवधि

साधारण जाप: 2–3 घंटे, विशेष अनुष्ठान: 1–2 दिन

श्रेष्ठ समय

  • महाशिवरात्रि

  • सावन सोमवार

  • प्रदोष व्रत

  • जन्म कुंडली अनुसार मुहूर्त

श्रेणी

Dosha Nivaran

कौन करवाए

  • जिन्हें बार-बार बीमारियाँ घेरती हों

  • मृत्यु भय, रोग या संकट का सामना कर रहे हों

  • जीवन में असफलता और बाधाओं से परेशान हों

  • परिवार और प्रियजनों की दीर्घायु चाहते हों

पूजा के लिए निर्देश

  • जाप वाले दिन व्रत या फलाहार रखना श्रेष्ठ

  • सफेद या पीले रंग के वस्त्र धारण करें

  • मन को पवित्र और सकारात्मक रखें

  • जाप पूर्ण होने के बाद 11 दिन तक सात्विक आहार लें

व्यक्तिगत सलाह चाहिए?

आचार्य डॉ. आशीष कुमार शर्मा से संपर्क करें

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