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अंगारक दोष पूजन उज्जैन

Complete ritual to with best pandit

2 से 4 घंटे (पूजा के प्रकार पर निर्भर)

अंगारक दोष क्या है?

अंगारक दोष तब बनता है जब मंगल ग्रह (Mars) और राहु (Rahu) एक ही भाव (house) में स्थित होते हैं।
इस योग से व्यक्ति के जीवन में क्रोध, संघर्ष, स्वास्थ्य समस्याएँ और आर्थिक बाधाएँ उत्पन्न होती हैं।

शास्त्रीय संदर्भ:

  • ज्योतिष शास्त्र और लघु पाराशरी ग्रंथों में इसका उल्लेख है।

  • इसे शनि-मंगल व राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव, मंगल देव और भैरव जी की उपासना सर्वोत्तम मानी जाती है।

लाभ और फायदे

  • क्रोध और मानसिक अशांति से मुक्ति

  • वैवाहिक जीवन में सुधार और सामंजस्य

  • नौकरी और व्यवसाय में स्थिरता

  • कोर्ट केस, शत्रु बाधाओं से छुटकारा

  • स्वास्थ्य और मानसिक शांति की प्राप्ति

  • ग्रह शांति और कुंडली में मंगल-राहु के दुष्प्रभावों का शमन

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान एवं शुद्धिकरण

  • गणपति एवं मंगल देव का आवाहन

  • अंगारक दोष निवारण के विशेष मंत्रों का 11000 जप

  • हनुमान चालीसा एवं मंगल स्तोत्र पाठ

  • दूध, लाल फूल, लाल वस्त्र और ताम्र पात्र का अर्पण

  • अंत में आरती एवं आशीर्वाद

अपेक्षित परिणाम

  • धीरे-धीरे जीवन की रुकावटें समाप्त होना

  • आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का विकास

  • स्वास्थ्य संबंधी सुधार

  • कार्यक्षेत्र और परिवार में सामंजस्य

  • ग्रहों की शांति और मानसिक संतुलन

त्वरित जानकारी

अवधि

4 से 5 घंटे 

श्रेष्ठ समय

  • मंगलवार, अंगारक चतुर्थी

  • अथवा किसी भी शुभ दिन ज्योतिषाचार्य द्वारा चयनित

श्रेणी

दोष निवारण पूजन

कौन करवाए

  • जिनकी कुंडली में मंगल + राहु एक साथ हों

  • बार-बार क्रोध, विवाद या कोर्ट केस झेल रहे हों

  • नौकरी/व्यवसाय में असफलता पा रहे हों

  • जिनके वैवाहिक जीवन में लगातार बाधाएँ हों

पूजा के लिए निर्देश

  • पूजन वाले दिन उपवास रखें

  • लाल या सफेद वस्त्र पहनें

  • नकारात्मक विचारों से दूर रहें

  • 21 से 40 दिन तक पूजन के नियमों का पालन करें

व्यक्तिगत सलाह चाहिए?

आचार्य डॉ. आशीष कुमार शर्मा से संपर्क करें

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