मंगल भात पूजन उज्जैन
Complete ritual to with best pandit
2 से 4 घंटे (पूजा के प्रकार पर निर्भर)
मंगल भात पूजन क्या है?
मंगल भात पूजन एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान है, जिसे मंगल दोष, कुंडली में मंगलीक दोष या विवाह-संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। यह पूजन मुख्यतः उज्जैन में भगवान मंगलनाथ जी के मंदिर में सम्पन्न किया जाता है, जो विश्व में मंगल ग्रह का प्रमुख मंदिर माना जाता है।
शास्त्रीय संदर्भ:
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र और गरुड़ पुराण में मंगल दोष शांति के लिए विशेष अनुष्ठान का उल्लेख मिलता है। उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर प्राचीन काल से ही मंगल ग्रह शांति के लिए सर्वोत्तम स्थल माना गया है।
लाभ और फायदे
विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं
दाम्पत्य जीवन में सौहार्द और प्रेम बढ़ता है
व्यापार और नौकरी में सफलता प्राप्त होती है
रक्त संबंधी रोग और स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिलती है
पूजा विधि
प्रातः स्नान व शुद्धिकरण
गणेश जी का आवाहन और मंगल ग्रह का आह्वान
मंगल ग्रह के विशेष बीज मंत्र का 21000 या 7000 जप
मंगल ग्रह को भात (चावल), लाल फूल, लाल वस्त्र और मसूर दाल अर्पित करना
विशेष होम एवं हवन का आयोजन
अंतिम चरण में मंगल ग्रह की शांति हेतु आरती एवं प्रार्थना
अपेक्षित परिणाम
विवाह संबंधी रुकावटें कम होना
वैवाहिक जीवन में खुशहाली आना
स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होना
कार्यक्षेत्र में तरक्की और आर्थिक समृद्धि
साहस, आत्मबल और धैर्य की वृद्धि
त्वरित जानकारी
अवधि
3 से 4 घंटे
श्रेष्ठ समय
मंगलवार, मंगल त्रयोदशी, भाद्रपद मास या ज्योतिषाचार्य द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त में
श्रेणी
ग्रह शांति पूजन
कौन करवाए
जिनकी कुंडली में मंगल दोष या मंगलीक योग हो
जिनका विवाह लंबे समय से टल रहा हो
जो दाम्पत्य जीवन में अशांति का अनुभव कर रहे हों
जिन्हें रक्त या त्वचा संबंधी रोग परेशान कर रहे हों
जिनके करियर और व्यवसाय में लगातार बाधाएँ आ रही हों
पूजा के लिए निर्देश
पूजन के दिन उपवास रखें या सात्विक आहार लें
लाल वस्त्र पहनें
मन को शांत और सकारात्मक रखें
पूजन के बाद 40 दिनों तक नियम और संयम का पालन करें