मंगल शांति पूजन उज्जैन
Complete ritual to with best pandit
2 से 4 घंटे (पूजा के प्रकार पर निर्भर)
मंगल दोष क्या है?
जन्म कुंडली में मंगल ग्रह यदि अशुभ भावों (1st, 4th, 7th, 8th या 12th) में स्थित हो, तो इसे मंगल दोष (मांगलिक दोष) कहा जाता है। यह दोष वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य और संबंधों में बाधाएँ उत्पन्न कर सकता है।
शास्त्रीय संदर्भ:
उल्लेख: बृहद्पाराशर होरा शास्त्र एवं ज्योतिष तंत्र ग्रंथों में मंगल दोष को दूर करने हेतु मंगल शांति पूजन का महत्व बताया गया है।
यह पूजन विशेष रूप से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन में करने पर शीघ्र फलदायी माना जाता है।
लाभ और फायदे
✔ वैवाहिक जीवन में सामंजस्य और प्रेम बढ़ता है
✔ विवाह में आ रही देरी या रुकावटें दूर होती हैं
✔ परिवारिक कलह और तनाव कम होते हैं
✔ स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक शांति प्राप्त होती है
✔ करियर और व्यवसाय में सफलता की संभावनाएँ बढ़ती हैं
पूजा विधि
सुबह स्नान एवं शुद्धिकरण
भगवान मंगलदेव एवं मंगल ग्रह बीज मंत्र का आह्वान
विशेष लाल फूल, मसूर दाल, लाल वस्त्र और गुड़ का अर्पण
11000 बार “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र जप
हवन एवं मंगल ग्रह का शांति अनुष्ठान
अंत में आरती और आशीर्वाद ग्रहण
अपेक्षित परिणाम
विवाह में आ रही अड़चनें धीरे-धीरे समाप्त होना
दाम्पत्य जीवन में स्थिरता और सुख
गुस्सा, आक्रोश और विवाद कम होना
जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक संतुलन
परिवार में सुख-समृद्धि और एकता
त्वरित जानकारी
अवधि
2–3 घंटे
श्रेष्ठ समय
मंगलवार, भरणी या मृगशिरा नक्षत्र, मंगली दोष वाले जातक का जन्मदिन, या ज्योतिषी द्वारा सुझाए गए शुभ मुहूर्त
श्रेणी
Dosha Nivaran
कौन करवाए
जिनकी कुंडली में मंगल दोष / मांगलिक योग है
जिनके विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हैं
जिनका वैवाहिक जीवन अशांत या विवादित है
जिनको करियर और व्यक्तिगत जीवन में बार-बार बाधाएँ आ रही हों
पूजा के लिए निर्देश
पूजा वाले दिन व्रत रखें या सात्त्विक भोजन करें
स्वच्छ और लाल/पीले वस्त्र पहनें
पूजन के दौरान केवल सकारात्मक विचार रखें
पूजन के बाद 21 दिन तक संयम और शांति बनाए रखें